Letter to my soul

Siena, Palazzo Pubblico, The Allegory of Good Government, the figure of PEACE (Ambrogio Lorenzetti, 14th century) © The Picture Art Collection / Alamy Foto Stock


पत्र मेरी आत्मा को

सोलोमेयो, १७ मार्च २०२२

आज, पिछले साल की तरह, अबाबीलों के लौटने पर, मेरी टकटकी, अपने प्यारे सोलोमेयो में, इनके घूमने और चहचहाट की ओर ऊपर उठी है; हृदय अभी तक पीड़ित है जैसा महामारी के भीषण समय में था, जो तब भयावह था, और अब पतन पर है।

परंतु आज, पुनः, आदमी आदमी के विरूद्ध उठ खड़ा हुआ है, और मेरे लिये यह असंभव जान पड़ रहा है कि ऐसा हमारी मानवता को नाराज़ करके किया जा रहा है। मैं ऐसा सोचता हूं कि संसार में कुछ ऐसा है जो भाईचारे के मूल्यों और एकजुटता को अभिभूत कर रहा है, परंतु मैं विशवस्त हूं कि यह दर्द भरा समय अधिक अवधि तक नहीं रहेगा, क्योंकि हम सभी इससे अवगत हैं कि प्रकाश में कैसे लौटना है, जिसका नेतृत्व संसार पर शासन करनेवाले प्रज्ञ लोगों पर है।

मैं उनका सामना करता हूं, एक साधारण व्यक्ति और एक भाई के रूप में, फ्रांसिस् ऑफ़ असीसी की भावना के साथ, मेरे प्रेरणाप्रद पिता, मानवीय संबंधों और वार्तालाप के प्रतिभाशाली; उनके प्रति मैं अपनी आत्मा की सौगंध जागृत करता हूं, संसार की कई उन आवाज़ों की तरह, ताकि असहमति सहमति में बदल जाये।

मुझे पता है कि आने वाली पीढ़ियां हमें इस बात से आंकेंगी कि हम किस हद तक रचनात्मक हो पाते हैं, और उनको हमारा विनाशकारी होना पसंद नहीं आयेगा, क्योंकि हर इमारत, हर सड़क, हर पेड़, हर कार्यशाला के पीछे है, ताकत, जुनून, कई वर्षों का काम और कई इच्छाएं जो सामग्र के साथ लुप्त नहीं हो सकतीं, बल्कि जीवित रहती हैं।

ये बच्चे ही होंगे जो हमें जगाएंगे, अपनी मासूमियत, अपनी सादगी, अपने आनंदोल्लास से, उस शक्ति से जो उनके नन्हे हृदय में पनपती है, ताकि कल वे ही होंगे जो दुनिया पर राज करेंगे, क्योंकि दुनिया बदल चुकी है, और युद्ध के सभी अर्थ लुप्त हो चुके हैं यदि कोई अर्थ रहा भी हो कभी।

केवल इसी उपाय से धन, वह धन जो हमें सृष्टि से उपहार के रूप में या किसी और को नुकसान पहुंचाए बिना प्राप्त हुआ हो, सभी से साझा किया जा सकता है। यही वह आवाज़ है जिसे मैं अपने प्रज्ञ शासकों के हृदयों तक पहुंचाना चाहता हूं, ताकि वे भविष्य की ओर देख सकें, बिना मानवीय मूल्यों को भूले, यथा काम, परिवार, किसी भी धर्म की आध्यात्मिकता, यहां तक कि उन लोगों को भी जो इसपर विश्वास नहीं करते।

हमें अपनी सुरक्षा और अपने आदर्शों के बीच चयन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है, क्योंकि वे संयोज्य हैं और यहां तक कि पारस्परिक रूप से एक दूसरे के बल भी देते हैं। हम एक ऐसी विरासत के संरक्षक हैं जो कई बार अपनी राख से उठने में सक्षम है, लेकिन हमें इस अनुभव को संजोना चाहिए ताकि हम सतर्क और ध्यान रखने वाले अभिभावक बन सकें, जो दुनिया को फिर से राख में बदलने से पहले बचाने में सक्षम हो।

हालांकि सुदूर के लोगों की अलग-अलग आदतें होती हैं, हमारी सामान्य मानवीय विरासत हमें विभाजित करने के बजाय एकजुट करती है, और यह यथावत् विविधता के माध्यम से ही है कि व्यक्तिगत पहचान की हानि किये बिना नए जीवन का निर्माण किया जाता है। युद्ध प्रायः भय की सन्तान होता है, और कभी-कभी शासक भी भयभीत हो जाते हैं। हम उस जाल में नहीं पड़ना चाहते हैं जो हमने अपने लिए बनाया है। आज दुनिया पहले से कहीं ज्यादा करीब है, और अब तक ऐसा कोई उदाहरण नहीं आया है जो हमें अपने अलग-अलग रीति-रिवाजों में एक दूसरे से प्यार करने का मौका दे।

यदि न केवल लोग बल्कि पृथ्वी के प्रज्ञ शासकों को भी इसका अहसास हो जाये कि विभिन्न वंशावली साथ-साथ रह सकते हैं, क्योंकि पृथ्वी कोई एक नहीं है, लेकिन पृथ्वी सभी की मां है, मुझे पक्का विशवास है कि जिस उज्ज्वल भविष्य में मैं विश्वास करता हूं वो अब इतना करीब है कि मुझे इसे एक जीवित और स्थायी वास्तविकता बनाने के लिए केवल अपना हाथ बढ़ाने की जरूरत है। मैं नहीं जानता कि ईश्वर कौन सी भाषा बोलते हैं, लेकिन वह सभी हृदयों से एकही शब्द कहते हैं: एक दूसरे से प्यार करो।

Brunello Cucinelli
Close
Select your language